Durgaji-aarti-in-hindi

श्री दुर्गा जी की आरती (Shri Durga Ji Ki Aarti)

अम्बे तू हेय काली, जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे गुण गायें भारती, ओ मणा हम सब उतारे तेरी आरती ।। x2


तेरे जगत के भक्त जनन पर भीर पड़ी भारी । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी ।
सौ सौ सिंहो सी तू बलशाली, है अष्ट भूजाओं वाली । दुष्टो को तू ही सम्हार्ती ।। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

माँ बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
पूत कपूत सुने है पर न माता सुनी कुमाता ।
सब पर अमृत बरसाने वाली, सबको हर्षने वाली ॥ नैया भंवर से उबारती ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

नही मांगते धन और दौलत ना चांदी ना सोना । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

हम तो मांगे माँ तेरे मन मे एक छोटा सा कोना ।
सब पे करुणा बरसाने वाली, विपदा मिटाने वाली । दूखियों के दुःख को तू टार्ति ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

चौदस के दिन तेरे भवन मे भिड़ लगी है भारी । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

जो कोई मांगे सोई फल पावे, कोई ना जावे खाली ।
सबकी झोली भरने वाली, मांगे मुरादों वाली । दूखियों के दुःख को निवारती ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

हम पापी माँ अधम अधम अनाड़ी, अपने सुत की करना रक्षा । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ तेरा ही यश गान करे माँ, मागे प्रेम की भिक्षा ।
मैया सहस दिलाने वाली, मार्ग दर्शाने वाली । संकट से तू ही तो निकलती ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

मन मंदिर मे गूंज रहा है आज तेरा जयकारा । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
हम दुखियो का तुझ बिन मैया कौन होगा सहारा । 
मैया रूप दिखाने वाली, शक्ति जताने वाली । दूखियों के दुःख को तू टारती ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

बीच भँवर मे आन पड़ी नैया । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
तुम बिन हमको नहीं मिलेगा दूजा और खिवैया ।
मैया संकट मिटाते वाली, बिगड़ी बनाने वाली । नैया को तू ही तो उतारती ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

तुम हो मेरी इष्टाध्यायी, पिता गुरु और माता । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
तुम ही मेरी सब कुछ हो, तुम्हें छोड़ कहाँ मे जाता । 
दुर्ग सिंह सवारी वाली, काली कल्कत्ते वाली । धारण तू ही है धारती ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

यह छोटा सा परिवार हमारा इसे बनाए रखना । ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
इस बगिया मे सदा खुशी के फूल खिलाए रखना । 
मैया कृपा दर्शाने वाली, भक्ति दिलाने वाली । भक्तो के सब दुःख निहारती ॥ ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

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